ट्रम्प का यूएन भाषण: तकनीकी चूक के बावजूद चर्चा में
ट्रम्प ने तकनीकी खराबियों के बावजूद अपने भाषण में हास्य और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर जोर दिया
न्यूयॉर्क, यूएस | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में 2020 के बाद पहली बार भाषण दिया। भाषण की शुरुआत में तकनीकी खामियों ने हलचल मचा दी। ट्रम्प के टेलीप्रॉम्प्टर में समस्या आई और उनके मंच पर जाने वाली एस्केलेटर भी बीच में रुक गई। ट्रम्प ने इस पर मजाक करते हुए कहा कि टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर को परेशानी में होना चाहिए, जिस पर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।
ट्रम्प ने कहा, “टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा है, लेकिन मैं इससे भी भाषण दे सकता हूं। इससे दिल से बोलने का मौका मिलता है।” लगभग 10 मिनट बाद टेलीप्रॉम्प्टर काम करने लगा, लेकिन ट्रम्प ने पुराने नोट्स से भाषण जारी रखने को प्राथमिकता दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसे “महान सम्मान” बताया और कहा कि उनका भाषण बहुत सकारात्मक रूप से लिया गया।

ट्रम्प ने अपनी पत्नी मेलानिया ट्रम्प के साथ मंच पर भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों की आलोचना भी की। ट्रम्प ने लंदन के मेयर सादिक खान पर हमला करते हुए दावा किया कि लंदन शरीया कानून की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यूरोपीय देशों की इमिग्रेशन और ग्रीन एनर्जी नीतियों की भी आलोचना की और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को “ग्रीन एनर्जी स्कैम” और “होअक्स” बताया।
भाषण में उन्होंने कहा कि ईसाई धर्म सबसे अधिक उत्पीड़ित धर्म है और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ उनकी आगामी बैठक का जिक्र भी किया। ट्रम्प ने दुनिया के नेताओं को अमेरिकी नेतृत्व और मित्रता का हाथ बढ़ाने का संदेश दिया।
इसके अलावा, ट्रम्प ने कई संघर्षों में सीजफायर समझौतों में अपनी भूमिका का दावा किया, हालांकि कुछ मामलों में अमेरिका की भूमिका विवादित मानी जाती है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया और कहा कि अक्सर यूएन केवल कड़े शब्दों वाला पत्र लिखता है, लेकिन उसका पालन नहीं करता।

ट्रम्प ने कहा, “मैं तब इस बारे में नहीं सोच रहा था क्योंकि मैं लाखों लोगों की जान बचाने में व्यस्त था। लेकिन बाद में मुझे एहसास हुआ कि संयुक्त राष्ट्र हमारे लिए वहां नहीं था।” उन्होंने यूएन की क्षमता पर भी टिप्पणी की और कहा कि इसका पूर्ण उपयोग नहीं हो रहा है।
ट्रम्प ने भाषण का समापन करते हुए कहा, “संयुक्त राष्ट्र में भाषण देना हमेशा सम्मान की बात है, भले ही उपकरण थोड़े खराब हों। मेक अमेरिका ग्रेट अगेन!”
टेलीप्रॉम्प्टर की खामी और एस्केलेटर फेल होने जैसी तकनीकी परेशानियों के बावजूद ट्रम्प का यह भाषण दर्शकों के लिए यादगार रहा। उनके आत्मविश्वास और सहज अंदाज ने वैश्विक नेताओं का ध्यान खींचा और अमेरिकी नेतृत्व की छवि को स्पष्ट रूप से पेश किया।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

