सैन्य गठबंधन मजबूत, भारत और फ्रांस के बीच नए कदम

संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा तकनीक पर हुई अहम चर्चा

पटना: UNTCC 2025 के अवसर पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने फ्रांसीसी सेना प्रमुख जनरल पियरे शिल, CEMAT से महत्वपूर्ण बैठक की। दोनों सैन्य अधिकारियों ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास, आतंकवाद विरोधी सहयोग और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में और गहरे सहयोग के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में दोनों सेनाध्यक्षों ने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों (UN Peacekeeping Operations) में बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी की आवश्यकता पर भी बल दिया। इसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय मिशनों में दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और संचालन क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इससे शांति अभियान और मानवीय सहायता मिशनों की सफलता सुनिश्चित होगी।

सैन्य अधिकारियों ने भविष्य में द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास, आधुनिक हथियार प्रणालियों और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान पर भी विचार किया। दोनों पक्षों ने आपातकालीन सुरक्षा तंत्र और रणनीतिक संचालन पर चर्चा कर यह सुनिश्चित किया कि भारत और फ्रांस की सेनाएं किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में एक-दूसरे के साथ सहजता से काम कर सकें।

भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि यह बैठक भारत और फ्रांस के लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और रणनीतिक समझ बढ़ेगी। साथ ही यह कदम दोनों सेनाओं को वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने और संयुक्त मिशनों में प्रभावी प्रदर्शन करने में सक्षम बनाएगा।

विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक से भविष्य के रक्षा सहयोग के नए आयाम खुलेंगे और दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और विश्वास मजबूत होगा। बैठक का उद्देश्य न केवल तकनीकी और सैन्य सहयोग बढ़ाना था, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास को भी प्रोत्साहित करना था।

इस प्रकार, UNTCC 2025 के मंच पर हुई यह बैठक भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने में सक्षम मानी जा रही है। दोनों सेनाएं अब और गहरे सहयोग और संयुक्त तैयारियों के लिए प्रतिबद्ध दिख रही हैं।

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