ट्रंप के आदेश पर ईरान पर अमेरिका का गुप्त हवाई हमला

ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका का सबसे गुप्त हवाई हमला, ट्रंप ने दी थी मंजूरी — हमले के बाद दुनिया स्तब्ध

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में उस पल को याद किया जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा, “वह वह क्षण था जब दुनिया ने सुना — FAFO।”

हेगसेथ ने बताया कि उस समय अमेरिका ने गुप्त रूप से ईरान के तीन प्रमुख परमाणु केंद्रों — फोर्डो, नतांज और इस्फहान — पर हवाई हमला किया था। यह जून में हुआ हमला अमेरिका की ओर से इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में पहली सीधी सैन्य दखलअंदाजी थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, फोर्डो ठिकाने पर छह 30,000 पौंड के “बंकर बस्टर” बम गिराए गए, जिन्हें अमेरिकी वायुसेना के B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स ने दागा। इस मिशन को अब तक के सबसे गुप्त और जटिल सैन्य अभियानों में गिना जा रहा है।

पेंटागन ब्रीफिंग में हेगसेथ ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने इतिहास के सबसे जटिल सैन्य ऑपरेशन का नेतृत्व किया, जिसने 12 दिन के युद्ध को समाप्त कर दिया। उनकी निर्णायक कार्रवाई ने न केवल संघर्ष खत्म किया बल्कि ईरान की परमाणु क्षमता को ‘नष्ट’ कर दिया।”

दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “अमेरिका जब तक इसराइल का समर्थन, क्षेत्र में सैन्य ठिकाने और दखलंदाजी बंद नहीं करता, तब तक किसी भी सहयोग की बात असंभव है।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका का “अहंकारी स्वभाव” केवल समर्पण चाहता है।

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि तेहरान अपने परमाणु ठिकानों का पुनर्निर्माण “और अधिक शक्ति” के साथ करेगा। विदेश मंत्री अब्बास आराकची ने कहा कि अमेरिका से बातचीत तभी संभव है जब वह “समानता और आपसी हित” के आधार पर आगे बढ़े।

24 जून से दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू है, पर तनाव अब भी कायम है और पूरा क्षेत्र अस्थिर राजनीतिक समीकरणों से गुजर रहा है।

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