चिराग की पार्टी में कौन बांट रहा है टिकट,कहा हैं सौरभ पांडे?
अरुण भारती का ‘दरबार’ बना टिकट का दरवाज़ा
एलजेपी (रामविलास) में टिकट पाने के लिए अब नेताओं को पहले अरुण भारती से मंजूरी लेनी होगी।
बिहार में विधानसभा चुनाव सर पर है। नेताजी का एक पैर अपने क्षेत्र में है तो दूसरा पैर आला कमान की परिक्रमा करने में व्यस्त है। कोई भी संभावित उम्मीदवार अपने टिकट पाने की गुंजाइश को खतरे में डालना नहीं चाहता।
बात अगर बिहार की करें तो गठबंधन का दौर चल रहा है — चाहे एनडीए गठबंधन हो या महागठबंधन — सभी दलों के नेताओं में यह डर है कि कहीं उनकी विधानसभा सीट सहयोगी दल के हिस्से में न चली जाए और उनका पत्ता साफ न हो जाए। इसी चक्कर में नेताजी हर संभव जुगत लगाने में लगे हुए हैं।
अपना दल तो अपना दल, सहयोगी दलों के आला कमानों तक पहुंच बनाने का भरपूर प्रयास हो रहा है।
ऐसे में एक बार फिर सबसे ज्यादा चर्चा में जो पार्टी है, उसका नाम है लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जिसके सर्वेसर्वा हैं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान। अपनी मांग मनवाने के लिए चिराग पासवान जाने जाते हैं। वर्तमान में जिस तरीके से सीट शेयरिंग हुआ है, उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि चिराग पासवान की बल्ले-बल्ले है। उनके कोटे में 29 सीटें गई हैं।

ऐसे में उनकी पार्टी के नेता तो नेता, दूसरी पार्टियों के नेता भी चिराग पासवान तक पहुंच बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। कारण सिर्फ एक है — टिकट मिल जाए।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में टिकट पर फैसला कौन ले रहा है? आखिर किसको चिराग पासवान ने यह जिम्मेदारी दी है? पिछली बार यह जिम्मेदारी उनके राजनीतिक सलाहकार सौरभ पांडे को दी गई थी। तब चिराग पासवान ने एनडीए से अलग होकर विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया था और लगभग सभी सीटों पर सौरभ पांडे के माध्यम से ही सीट शेयरिंग पर निर्णय हो रहा था।
कौन हैं सौरभ पांडे?
सौरभ पांडे चिराग पासवान के पुराने मित्र हैं और उनके राजनीतिक सलाहकार भी रह चुके हैं। परिवार और पार्टी में टूट से पहले तक चिराग पासवान पार्टी से जुड़े ज्यादातर फैसले सौरभ पांडे की सलाह पर ही लेते थे। लेकिन पार्टी और परिवार में टूट के बाद सौरभ पांडे ने राजनीतिक तौर पर दूरी बना ली। इस चुनाव में सौरभ चिराग के इर्द-गिर्द भी नहीं दिख रहे हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में टिकट कौन बांट रहा है — क्या खुद चिराग पासवान यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं या किसी और नेता को दी गई है?
जो भी पत्रकार या नेता लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को नजदीक से देख रहे हैं, उन्हें यह भली-भांति पता है कि टिकट पर फैसला कौन ले रहा है।

दरअसल, चिराग पासवान ने टिकट बंटवारे की जिम्मेदारी अपने बहनोई अरुण भारती को दी है। अरुण भारती जमुई से सांसद भी हैं और वर्तमान में पार्टी के लगभग सभी कार्यों को वही देख रहे हैं।
मतलब, किसी भी नेता को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का टिकट चाहिए तो उसे पहले अरुण भारती के दरबार में हाजिरी लगानी होगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही चिराग पासवान का ग्रीन सिग्नल मिलेगा।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

