साहित्य नोबेल 2025: लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई विजेता

हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई को 2025 का साहित्य नोबेल पुरस्कार मिला।

स्वीडिश एकेडमी ने गुरुवार को साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2025 घोषित किया। इस बार यह सम्मान हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई को दिया गया है। पुरस्कार की घोषणा शाम 4:30 बजे की गई। साहित्य का यह नोबेल उन लेखकों को दिया जाता है जिन्होंने अपनी किताबों या कविताओं के माध्यम से साहित्य में विशिष्ट योगदान दिया हो।

स्वीडिश एकेडमी ने कहा कि लास्जलो की रचनाएं प्रभावशाली और दूरदर्शी हैं। उनके काम में दुनिया में तबाही और डर के बीच कला की ताकत दिखाई देती है। वे मध्य यूरोप की परंपरा के महाकाव्य लेखक माने जाते हैं, जिनकी शैली काफ्का से लेकर थॉमस बर्नहार्ड तक फैली हुई है। उनकी रचनाओं की सबसे बड़ी खासियत उनकी बेलौसपन और डीप थिंकिंग है।

लास्जलो का पहला उपन्यास ‘सैटानटैंगो’ 1985 में प्रकाशित हुआ था, जिसने हंगरी में उन्हें स्थापित लेखक के रूप में मान्यता दिलाई। यह उपन्यास साम्यवाद के पतन से ठीक पहले के हंगरी के ग्रामीण इलाके में बंजर खेतों पर रहने वाले बेसहारा लोगों पर केंद्रित था। उनकी किताबों पर कई फिल्में भी बनाई जा चुकी हैं। विशेष रूप से ‘सैटानटैंगो’ पर सात घंटे लंबी फिल्म बनाई गई, जिसे आलोचकों ने काफी सराहा।

‘द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस’ भी उनकी प्रमुख कृतियों में शामिल है, जो एक छोटे से गांव और उसके लोगों की मुश्किल जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। इन किताबों में मानव स्वभाव के दोष और गुण बेबाकी से प्रस्तुत किए गए हैं। उनके लेखन में दर्शन, मानवता, अराजकता और आधुनिक समाज के संकटों की झलक मिलती है, जो उन्हें विशेष बनाती है।

विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 10.3 करोड़ रुपए), सोने का मेडल और सर्टिफिकेट मिलेगा। अगर पुरस्कार एक से अधिक विजेताओं में बांटा जाता है तो राशि साझा की जाती है। पुरस्कार 10 दिसंबर 2025 को स्टॉकहोम में प्रदान किया जाएगा। अब तक नोबेल एकेडमी ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, मेडिसिन और साहित्य के पुरस्कारों की घोषणा कर दी है।

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